अब मैं उन्हें खुश भी न देखूं तो प्यार कैसा।
अब न कोई शिकवा है, न कोई मलाल, जो अपना था ही नहीं, वो चला गया।
जो अपना था वो कभी मेरा नहीं था, और जो मेरा था, वो कभी अपना नहीं बना।
अब ना कोई शिकवा है, ना कोई मलाल, जिसे जाना था, वो चला गया… बस इतना ही हाल।
काश वो मेरा कुछ न होता पर मुक़द्दर होता।
और एक हमारा प्यार है जिसे आप अपने दिल में जगह नही देती।
जो हमारे बिना खुश हैं, हम उन्हें मुस्कुराने की दुआ देते हैं, जो हमारे साथ नहीं, हम उन्हें यादों में सजा देते हैं।
वो लम्हा भी अजीब होता है जब कोई अपना, अपना नहीं रहता और उसकी यादें दिल से जाती नहीं।
तुझे देख बिना ये चेहरा खिल नहीं सकता।।
रात भर Sad Shayari जागता हूं तेरी यादों में, कभी तू भी सो ना पाए, ऐसी कोई दुआ करूं?
कुछ रिश्ते खामोशी से ज्यादा आवाज़ रखते हैं,
बहुत उदास करती हैं मुझको निशानियाँ तेरी.
क्योंकि तेरे बिना मेरी दुनिया भी सून होती जा रही है।
अब सोचते हैं, क्या तुमने कभी समझा क्या।